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मोबाइल टावर पर चढ़ा पूर्व ओएसएपी कॉन्स्टेबल, नौकरी बहाली और मां के इलाज की मांग को लेकर 15 घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा

 Written By: Rituraj Tripathi @riturajfbd
 Published : May 10, 2026 02:49 pm IST,  Updated : May 10, 2026 02:49 pm IST

ओडिशा के ढोंकानाल में पूर्व ओएसएपी कॉन्स्टेबल मोबाइल टावर पर चढ़ गया और उसने जमकर हंगामा काटा। ये पूरा ड्रामा 15 घंटे तक चला।

Odisha- India TV Hindi
मोबाइल टावर पर चढ़ा पूर्व ओएसएपी कॉन्स्टेबल Image Source : REPORTER INPUT

ढेंकानाल: ओडिशा के ढोंकानाल शहर में शनिवार को हड़कंप मच गया, जब एक पूर्व ओएसएपी कॉन्स्टेबल मोबाइल टावर पर चढ़ गया और नौकरी बहाली के साथ अपनी कैंसर पीड़ित मां के इलाज के लिए सरकारी मदद की मांग करने लगा। यह घटना टाउन थाना के पास स्थित एक मोबाइल टावर की है, जहां घंटों तक पुलिस, प्रशासन और फायर सर्विस की टीमें उसे सुरक्षित नीचे उतारने में जुटी रहीं।

प्रदर्शनकारी की पहचान कामाख्यानगर थाना क्षेत्र के सोगर गांव निवासी रुद्र नारायण दास के रूप में हुई है। रुद्र की शिकायत थी कि उन्हें अन्यायपूर्ण तरीके से नौकरी से निकाल दिया गया और कई बार गुहार लगाने के बावजूद उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। इसी नाराजगी में उन्होंने टावर पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

जानकारी के अनुसार, रुद्र नारायण दास की नियुक्ति सितंबर 2018 में प्रथम ओएसएपी बटालियन में कॉन्स्टेबल के रूप में हुई थी। बताया गया कि ट्रेनिंग के दौरान उनकी तबीयत खराब हो गई थी, जिसके कारण उन्हें मेडिकल रेस्ट दिया गया। बाद में जब वे ड्यूटी पर लौटे, तो कथित तौर पर उन्हें सेवा से हटा दिया गया। 

रुद्र का कहना था कि उनकी मां कैंसर से पीड़ित हैं और परिवार की आर्थिक हालत बेहद खराब हो चुकी है। नौकरी छूटने के बाद उन्होंने जिला प्रशासन, विभागीय अधिकारियों, मुख्यमंत्री कार्यालय से लेकर राष्ट्रपति तक कई जगह गुहार लगाई, लेकिन कहीं से कोई राहत नहीं मिली। इसी से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया।

सुबह टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस, फायर सर्विस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। एडीएम, अतिरिक्त एसपी, सब-कलेक्टर, तहसीलदार और एसडीपीओ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहे। अधिकारी लगातार रुद्र से बातचीत कर उन्हें शांत कराने की कोशिश करते रहे।

खुद को आग लगाने की धमकी दी

स्थिति उस समय और गंभीर हो गई जब रुद्र ने कथित तौर पर अपने साथ रखी दो पेट्रोल की बोतलें दिखाते हुए धमकी दी कि अगर जबरदस्ती नीचे उतारने की कोशिश की गई तो वह खुद पर पेट्रोल डालकर आग लगा लेंगे। इसके बाद बचाव अभियान और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गया।

घटना को देखते हुए बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। ODRAF, अंगुल फायर विभाग और भुवनेश्वर फायर सर्विस की टीमों को भी मौके पर बुलाया गया। टावर के नीचे सुरक्षा जाल लगाया गया और हाई प्लेटफॉर्म एयरलिफ्ट मशीन की मदद से रुद्र तक पहुंचने की कोशिश की गई। हालांकि कई बार रुद्र द्वारा पेट्रोल फैलाने की कोशिश के कारण टीमों को पीछे हटना पड़ा ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।

करीब 15 घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज ड्रामे के दौरान पुलिस अधिकारी, दोस्त और परिचित लगातार रुद्र को समझाते रहे। आखिरकार शाम के समय तेज गर्मी और लंबे समय तक टावर पर रहने के कारण रुद्र की तबीयत बिगड़ने लगी। इसी बीच उनके जीजा ने भी उनसे बातचीत की और प्रशासन की ओर से कुछ आश्वासन दिए गए, जिसके बाद वह नीचे उतरने के लिए तैयार हो गए।

फायर सर्विस की टीम ने हाई प्लेटफॉर्म मशीन की मदद से उन्हें सुरक्षित नीचे उतारा। इसके तुरंत बाद एंबुलेंस से उन्हें ढेंकानाल जिला मुख्यालय अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है और उन्हें मेडिकल निगरानी में रखा गया है। (ओडिशा से शुभम कुमार की रिपोर्ट)

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